Mukesh

Lyrics to Jeena Yahan Marna Yahan

जीना यहा,
मरना यहा,
इस के सिवा
जाना कहा
जी चाहे जब हम को
आवाज़ दो,हम हैं वही हम थे जहा
अपने यही
दोनो जहाँ,
इस के सिवा जाना कहाये मेरा गीत,
जीवन संगीत,कल भी कोई दोहरायेगा
जग को हसाने बहरुपीया,
रूप बदल फिर आयेगा
स्वर्ग यही, नरक यहा,
इस के सिवा जाना कहा
कल खेल में हम हो ना हो,
गर्दिश में तारें रहेंगे सदा
भूलोगे तुम भूलेंगे वो,
पर हम तुम्हारे रहेंगे सदा
रहेंगे यही अपने निशां,
इस के सिवा जाना कहा